मेरी पड़ोसन ज्योति आंटी

दोस्तो मेरा नमे समित है। इ लिवे इन देलहि। मेरी उमर 23 साल है। मेरे परोस मे ज्योति औतय आई थी । क़रीब 15 दीनो मे हम दोनो आची तरहा घुल मिल गया।
जयोति औनती का पति अकसर तुर पेर जता था।

ज्योति आंटी बहुत ही चिक्नी थी। उसका मोमा बहुत ही मोटे था। । हम दोनो बहुत फ्रॅंक था। प्र ग़लत बात नही थी। औतय बहुत सरीफ़ थी। वो तो साली अपना मोमा एक ड्म चुपा कर रक्ति थी। एक दिन औतय कपड़ा तो रही थी। मे किसी काम से आंटी के घर गया
मना धेखा कि औती का अधा मोमा बहर निक ला हुअ था। भनचोद बहुत चिकना था। औनती कपरो पेर सोता मर रहि थि । सोता मरता मरता औनती का मोमा भि हिल रहा था। आंटी का मोमा ढेख कर मेरा लंड एकडुं ख़रा हो गया। माना सोचा की आंटी के मोमा इतना चिकना है । तो पूरी नंगी कितनी चिक्नी लगा गी।
औनती ना मुघा धेक कर अपना मोमा चुपा लिया, भन चोदि बहुत सरिफ़ थि।

फिर आंटी बोली सुमीत आज़्ज़ मेरा काम मई हाथ बतवा दो । तो मई बोला ।क्यो नही। औतय बोली यॅ कपड़ा मशीन मे दलदो। मे आगे बड़ा तो आंटी मशीन के पास ख़री थी। तो माना सोचा आंटी की गंड पेर हाथ तो लगा दे। मे जानकार
पिसल कर आंटी पेर जा गिरा। भनचोद औती कि पुरि बसक मेरा सथ लग गयि औनती कि गनद पेर मेरा लुनद लगया। वोव बहुत हे मज़दर पेल था।। आंटी बोली ल्लू आराम सा। फिर मई मचींर मई कापे डालना लगा। तो आंटी मेरा पीछा आकर ख़री
होगाई। तो माना सोचा चलो अब मोमा भी चुला। मई जानकार झतका खा कर पीछा हुआ।और आंटी ना मुघे बचा ने के लिया कस कर पाकर लिया।। भनचोद औनती
का पुरा मोमा।, पेत और चुत मुघसा चिपक गयि। वा यै मेरि तो लत्रि लग गयि थि। अब तो भुखा शरे को खुन लग गया था।।

बस अब मेने आंटी का बलात्कार का मान बना लिया था। क्योकि आंटी तो सरीफ़ थी। और औकई अंको माना कभी भूख भी नही देकि थी। माना अपने दोनो डोतो के सार् बलात्कार का प्रोग्रामे बना लिया। सनडे का दिन था। मेने आंटी को फ़ार्म हाउस जाना के लिया बोला। तो आंटी बोली क्यो जाना है। तो मा बोला आंटी जी आपको एक सुरपरिज़े दना है। औनती तयर हो गयि। उधर रहुल और वरुन फ़रम हौसे पहुनचा।। मैं और अतुनती भी पहुँच गाये आंटी बोली क्या था तेरा सर्प्राइज़ । तभी राहुल कचा मई आंटी कॠसामने आ कर बोला । अरी चिक्नी क्या हाल है। । औनती मुघसा बोलि सुमित येअह सब कया है। तो मैं बोला । प्यारी आंटी आज़्ज़ हम तुगसा अपनी भूख मिटयँगे । मीना आंटी को कसकर पाकर लिया। और औसकी सारी उतरना लगा।आंटी बोली नही नही सुमीत बेटा।प्लज़ मुघा जाने दो मई तो अपना पति को क्या मु ढेखौंगी। तो मई बोला चुप साली । तो आंटी ना मुघा ढाका दिया। और फिर राहुल ना आंटी को दो छपेटे मारी। और वरुण आंटी को पूरा नंगा कर दिया। फिर क्या था। आंटी का ननगा बदम अपनि और अकरशित कर रहा था
फिर माना अपना 5"5 इंच लंड निकाला।जो की काफ़ी मोटा था। और आंटी के मु मई डालने लगा तो आंटी ना मु नही खोला ।फिर राहुल ना आंटी का मु खोला। और माना अपना लॅंड आंटी के मु मे डाला।और उसके पकर कर उसा सुकिनग करवना लगा। इधर वरुन औनती कि चुत चत रहा । तो रहुल औनती का मोमो का मज़ा लरहा। औनती एक दम गरम कचोरि बन गयि थि।। फिर मेने अपना लंड आंटी के मु सा निकाला । और मेरा मान आंटी की छूट मारना को हुआ। क्योकि सकिंग कर वा कर मई बहुत गरम था। और आंटी मुघसे जयदा गरम थी। मीना आंटी को आराम से लिटाठ??। और आंटी की तँगा उठाई। और अपना लंड आंटी की छूट मई डालना लगा।
आंटी की छूट जयदा नही खुली थी। इसलिया मेरा तोड़ा सा लॅंड आंटी की छूट मे गया। जा हे आंटी की छूट मे लंड डाला।तो आंटी ने मुघा एक करा झटका दिया। आंटी झटके सा आंटी की ताने हिलती थी। और मुघा ढाका लगा और पूरा लंड आंटी के अंदेर चला गया। भन चोदि बहुत गरम थि। मैं घसा मरना चुरु हो औनती हेर 2 मिन बद झतका मरति। कयोकि उसमा बहुत सेक्स था। चुत मरता वकत औनति का पुरा सरिर हिल रहा था। 15 मिन बाद मैरा घर गया। और मल औनती कि चुत का बहर निकला।
फिर औनती रहुल सा
बोली अरे कुटे तू भी आजा अब तुमना एक शर्नी की भूख जगा दी है। आजा अब मेरी भीख मिटा। फिर राहुल ना उस कचोरि को लनद खिलया फिर वरुण ना। हूमना लगभग 4 घंटे तक आंटी को छोड़ा। फिर सो गया।
अगला दिन हमने आंटी की गंड मारी। । औनती कि गनद मैं जब मना अपना लुनद दला तो असा लगा जसा गरम चुरि मखन मैं दलति। इतनि चिकनि गनद । वोव। जब मना औनती कि गनद मर रहा तो औनती कि पुरि गनद हिल रहि थि। मेरा 20 मिन बद घरा।फिर रहुल ना गनद मरि फिर वरुण ने। उस्डीन हमना आंटी को 7 घाटे चोदा।आंटी को छूट मरवना की बहुत गंदी लत पेर गयी थी। हम हैर रोज़ आंटी की गंड मरते 15 दीनो मे आंटी की गंड बहुत मोटी होगाई रेअल्ली यर। यहा तका कि औनती ना कचि दलना भि चोर दिया था।

वेल्ल अपको हमरि सतोरी कसि लगि ।
पलज़ मुघा बतो। my email id is
cute_boy6013@rediffmail.com

0 comments:

Post a Comment